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    PM-KUSUM Yojana के नाम पर आपको धोखा दे सकते हैं जालसाज! ऐसे बचें

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    PM-KUSUM Yojana : पीएम कुसुम योजना के तहत फर्जी सर्टिफिकेट के बदले पैसे ऐंठ कर नागिरकों के साथ धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। ये पत्र ₹8,000 के पंजीकरण शुल्क के बदले में पीएम कुसुम योजना के तहत लाभ देने का झूठा दावा करते हैं। आइए इस स्कैम से पर्दा उठाते हैं, साथ ही बताते हैं इससे बचने के उपाय।

    PM-KUSUM Yojana : सोशल मीडिया पर साइबर फ्रॉड का मामला आए दिन देखने को मिलता रहता है। जहां पब्लिक को झांसा देकर, ब्लैकमेल करके या झूठी जानकारी देकर अक्सर ही बैंक खाते में सेंध लगने की घटना सामने आती रही है।

    इन दिनों ताज़ा मामला पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM Yojana) से जुड़े फ्रॉड का है, जहां फर्जी सर्टिफिकेट भेजकर लोगों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर 8,000 रुपए ठग लिए जा रहे हैं। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) भारत सरकार की ओर से सोशल मीडिया साइट X पर जानकारी देकर लोगों को फर्जी धोखाधड़ी से बचने को आगाह किया गया है. आइए, विस्तार से जानते हैं कि आखिर ये पूरा मामला क्या है-

    क्या है पीएम कुसुम योजना –

    प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) योजना (PM-KUSUM Yojana) एक सरकारी पहल है। इसे किसानों को सोलर पंप और सोलर एनर्जी उत्पादन प्रणाली प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि ग्रिड बिजली और डीजल पर उनकी निर्भरता कम हो सके। यह योजना टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देती है और इसका उद्देश्य किसानों को ग्रिड को उत्पादित सरप्लस सोलर एनर्जी बेचने की अनुमति देकर उनकी आमदनी बढ़ाना है।

    पीएम कुसुम योजना में फर्जीवाड़े को समझें

    पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM Yojana) की आड़ में लोगों को झांसा में लाने के लिए आधिकारिक पत्र बनाए गए हैं। जो कि फर्जी है। इस पत्र में सरकारी लोगो और औपचारिक भाषा है, जिससे प्राप्तकर्ता आसानी से धोखा खा सकते हैं।

    घोटालेबाज कथित तौर पर नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) से फर्जी स्वीकृति पत्र भेज रहे हैं। जिसके बाद वो लोगों से कथित रूप से 8,000 रूपए की मांग कर रहे हैं।

    ऐसे करें नकली पत्र की पहचान

    नकली पत्र के झांसे में आने से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें –

    • भुगतान के लिए अनचाहे अनुरोध: सरकारी योजनाएं आमतौर पर अनाधिकारिक माध्यम से भुगतान की मांग नहीं करती हैं। ऐसी किसी भी मांग पर तुरंक सतर्क हो जाएं ।
    • असत्यापित संपर्क: फर्जी पत्रों में दिए गए संपर्क विवरण अक्सर आधिकारिक सरकारी हेल्पलाइन से मेल नहीं खाते।
    • संदिग्ध ईमेल आईडी : सरकार की ओर से आधिकारिक संचार सत्यापित ईमेल पतों से आएगा, जो आमतौर पर “.gov.in” पर समाप्त होता है।
    • इन घोटालों का शिकार होने से बचने के लिए, जानकारी और आवेदन के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें:

    आधिकारिक वेबसाइट : पीएम कुसुम योजना (PM-KUSUM Yojana) के बारे में सटीक जानकारी के लिए एमएनआरई की वेबसाइट mnre.gov.in पर जाएं।

    यदि कोई फर्जी सर्टिफिकेट मिले तो क्या करें –

    यदि आपके नम्बर या मेल पर भी कोई फर्जी सर्टिफिकेट आता है, तो ये करें –

    • भुगतान नहीं करें – सरकार योजनाओं का लाभ देने के लिए सामान्यत: पैसे की मांग नहीं करती। ऐसी किसी भी मांग पर सतर्क हो जाएं और पैसे देने से बचें।
    • रिपोर्ट करें : घटना की सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन और एमएनआरई के नामित प्राधिकारियों को दें।
    • दूसरों को सचेत करें : अन्य लोगों को घोटाले का शिकार बनने से बचाने के लिए अपने समुदाय के साथ जानकारी साझा करें।

    सूचित और सतर्क रहकर हम हम सामूहिक रूप से खुद को और अपने जानने वाले लोगों को किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रख सकते हैं। पीएम कुसुम योजना का फायदा उठाने की कोशिश करने के लोभ या झांसे में बिल्कुल न आएं। हमेशा देख-परख कर और सोच-समझ कर ही क़दम उठाएं। हमेशा आधिकारिक सरकारी चैनलों के माध्यम से जानकारी सत्यापित करें और पैसे की अनचाही मांगों से सावधान रहें।

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