प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनतेरस के मौके (PM Modi on Dhanteras) पर देश के नागरिकों को कई सौगातें दी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को धन्वंतरि जयंती और 9वें आयुर्वेद दिवस पर देशभर में स्वास्थ्य से जुड़ी 12,850 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। पीएम ने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) से वर्चुअली 18 राज्यों में हेल्थ सर्विसेस और प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए।
पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में सेहत से जुड़ी कई योजनाओं की शुरुआत की गई है। इन्हीं में से एक है आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY)।
इस योजना के तहत 70 साल और उससे ज्यादा उम्र के सभी लोगों के लिए पीएम मोदी ने स्वास्थ्य बीमा की शुरुआत की है। इसके तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज होगा।
इसके साथ ही नियमित टीकाकरण की इलेक्ट्रॉनिक रजिस्ट्री बनाए रखने के लिए तैयार यू-विन पोर्टल को भी शुरू किया गया है।
PM Modi on Dhanteras: इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा- “एक समय था, जब इलाज में लोगों के घर, जमीने, गहने सब बिक जाते थे। गंभीर बीमारी के इलाज का खर्च सुनते ही गरीब की आत्मा कांप जाती थी। पैसे की कमी की वजह से इलाज न करा पाने की बेबसी, बेचारगी गरीब को तोड़ कर रख देती थी।”
पीएम ने कहा- “मैं अपने गरीब भाई-बहनों को इस बेबसी में नहीं देख सकता था, इसलिए ही ‘आयुष्मान भारत’ योजना ने जन्म लिया है। सरकार ने तय किया, गरीब के 5 लाख रुपये तक के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। देश में लगभग 4 करोड़ गरीबों ने आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाया है।”
मोदी ने कहा- “अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के देश के हर बुजुर्ग को अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलेगा। ऐसे बुजुर्गों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड दिया जाएगा। ये योजना मील का पत्थर साबित होगी। घर के बुजुर्ग के पास आयुष्मान वय वंदना कार्ड होगा, तो परिवार के खर्चे भी कम होंगे, उनकी चिंता भी कम होगी।”
उन्होंने कहा- “चुनाव के समय मैंने गारंटी दी थी कि तीसरे कार्यकाल में 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को ‘आयुष्मान योजना’ के अंतर्गत लाया जाएगा। आज धनवंतरी जयंती के दिन ये गारंटी पूरी हो रही है।”
पीएम ने इस मौके पर दिल्ली और बंगाल की सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- “मैं दिल्ली और पश्चिम बंगाल के 70 वर्ष से अधिक उम्र के हर बुजुर्ग से क्षमा मांगता हूं कि मैं आपकी सेवा नहीं कर पाऊंगा। मुझे पता तो चलेगा कि आपको कष्ट है, लेकिन मैं आपको सहाय नहीं कर पाऊंगा, क्योंकि अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण दिल्ली और पश्चिम बंगाल की सरकार ‘आयुष्मान भारत योजना’ से जुड़ नहीं रही है।”
पीएम मोदी ने कहा- “हमारी सरकार जानलेवा बीमारियों से रोकथाम के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान चला रही है। इससे ना सिर्फ गर्भवती महिलाओं की जिंदगी बच रही है, नवजात शिशुओं का जीवन बच रहा है, बल्कि वो गंभीर बीमारियों की चपेट में आने से भी बच रहे हैं। मैं अपने देश के गरीब और मध्यम वर्ग को महंगे इलाज के बोझ से बाहर निकालकर ही रहूंगा और देश आज इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।”
प्रधानमंत्री ने कहा- जिस देश के नागरिक जितने स्वस्थ होंगे, उस देश के प्रगति की गति भी तेज होगी। इस सोच के साथ अपने नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य नीति के पांच स्तंभ तय किए हैं:-
- प्रिवेंटिव हेल्थकेयर यानी बीमारी होने से पहले का बचाव।
- समय पर बीमारी की जांच।
- मुफ्त और सस्ता इलाज, सस्ती दवाएं।
- छोटे शहरों में अच्छा इलाज, डॉक्टरों की कमी दूर करना
- स्वास्थ्य सेवा में टेक्नॉलॉजी का विस्तार।
51 हजार को नियुक्ति पत्र
इससे पहले प्रधानमंत्री ने मंगलवार को देश में 40 जगहों पर आयोजित रोजगार मेले में 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद पीएम मोदी के तीसरे कार्यकाल का यह पहला रोजगार मेला है।
पीएम मोदी ने नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं से कहा कि आप जनता के सेवक हैं शासक नहीं। इसलिए आप गरीबों-पिछड़ों की सेवा कीजिए। अगले 25 सालों में आप ही विकसित भारत बनाएंगे।
रोजगार मेले की शुरुआत अक्टूबर 2022 में हुई थी। अब तक ऐसे 13 मेलों में साढ़े 8 लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है।


