संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। शीतकालीन सत्र में भारी हंगामा देखने को मिल रहा है। Priyanka Gandhi ने बैग पॉलिटिक्स की शुरुआत कर दी है।
कांग्रेस सांसद Priyanka Gandhi ने एक बार फिर से बैग लेकर संसद पहुंची। इस बार भी उनका बैग चर्चा का विषय बन गया। आज यानी 17 दिसंबर को उन्होंने बैग पर “हम बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाईयों के साथ खड़े हो” लिखा हुआ लेकर पहुंची थी। सोमवार यानी 16 दिसंबर को भी Priyanka Gandhi ने संसद सत्र के दौरान फिलिस्तीन लिखा हुआ बैग लेकर पहुंची थी। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के विरोध में प्रियंका गांधी यह बैग संसद लेकर आई थी।
Priyanka Gandhi ने शुरू की बैग पॉलिटिक्स
प्रियंका गांधी का बैग के सहारे मुद्दा उठाने का तरीका सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। प्रियंका गांधी जब से सांसद बनी है तब से ही अपने बैग के जरिए राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त करती रहती हैं। एक हफ्ते पहले भी Priyanka Gandhi संसद में एक बैग लेकर आई थी। जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी की तस्वीर लगी हुई थीं। साथ ही बैग पर “मोदी अडानी भाई भाई” का स्लोगन भी लिखा हुआ था। कांग्रेस सांसदों ने भी इस बैग के जरिए गौतम अडानी और नरेंद्र मोदी को घेरा था।
Priyanka Gandhi ने उठाया बांग्लादेश में हिंदुओं का मुद्दा
आज, प्रियंका गांधी “बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाईयों के साथ खड़े हो” लिखा हुए बैग के साथ संसद में आईं। इसके बाद प्रियंका गांधी ने कांग्रेस सांसदों के साथ मिलकर बांग्लादेश में हिंदू और ईसाई समुदायों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी ने सोमवार को लोकसभा सत्र के दौरान भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से अपील कि वह बांग्लादेश सरकार से इस मुद्दे पर बात करें और वहां के पीड़ितों का समर्थन करें।
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार को बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं और ईसाईयों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों का मुद्दा उठाना चाहिए। इसे बांग्लादेश सरकार के साथ उठाया जाना चाहिए और जो लोग पीड़ित हैं, उनका समर्थन किया जाना चाहिए।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हुआ हमला
आपको बता दें कि बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हाल ही में कई हमले हुए है। हिंदुओं के पूजा स्थलों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। हिंदुओं पर हो रहे हिंसा के बाद भारत में इसकी कड़ी निंदा की थी। बांग्लादेश सरकार ने मंगलवार को स्वीकार किया कि वहां कुल 88 साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुई हैं। जिनमें से अधिकांश हिंदू समुदाय से जुड़ी हुई है।


