भारत के मशहूर उद्योगपति रतन टाटा (Ratan Tata) अब इस दुनिया में नहीं रहे। मुंबई में 86 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। रतन टाटा (Ratan Tata) साल 1991 से लेकर 2012 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन थे। उनके कार्यकाल में टाटा ग्रुप ने नई बुलंदियों को छुआ था।
रतन टाटा अपनी जिंदादिली और मुसीबत में अपने कर्मचारियों के लिए हमेशा खड़े रहने के लिए प्रसिद्ध थे। आज हम आपको रतन टाटा से जुड़ा एक किस्सा बता रहे हैं जो बहुत कम लोगों को मालूम होगा।
बात अगस्त 2004 की है। टाटा मोटर्स की एक मीटिंग पुणे में चल रही थी। मीटिंग के बीच में ही टाटा मोटर्स के तत्कालीन MD प्रकाश एम तैलंग की तबीयत खराब हो गई। पुणे के डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत मुंबई रेफर कर दिया।
मीटिंग रविवार को रखी गई थी और डॉक्टर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं कर पा रहे थे। रतन टाटा (Ratan Tata) को जब इस बात की खबर लगी तो वह कंपनी के प्लेन को खुद उड़कर तैलंग को मुंबई ले जाने के लिए तैयार हो गए।
आपको बता दें कि रतन टाटा के पास पायलट का लाइसेंस था। लेकिन इस बीच एयर एंबुलेंस का व्यवस्था हो गई और प्रकाश तैलंग को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
प्रकाश तैलंग करीब 50 साल तक टाटा मोटर्स में काम करने के बाद साल 2012 में रिटायर हो गए। पुणे में घटी इस घटना के बारे में जब लोगों को मालूम चला तो सभी लोगों ने रतन टाटा के इस पहल की खूब सराहना की।
आपको बता दें कि रतन टाटा (Ratan Tata) के पास एक प्राइवेट जेट भी है, जिसकी कीमत करीब 150 करोड़ रुपए बताई जाती है। रतन टाटा ने साल 2007 में अमेरिकी लड़ाकू विमान F-16 में उड़ान भरी थी। इस उड़ान के बाद रतन टाटा ने अपने नाम अनोखा रिकॉर्ड दर्ज करवाया था। वह 69 साल की उम्र में लड़ाकू विमान उड़ाने वाले सबसे बुजुर्ग भारतीय नागरिक बन गए थे।
रतन टाटा (Ratan Tata) को विमान उड़ाने का शौक विरासत में मिला था। टाटा ग्रुप के संस्थापक जेआरडी टाटा देश के पहले लाइसेंसधारक पायलट थे। जेआरडी टाटा ने ही टाटा एयरलाइंस की शुरुआत की थी।


