देश के सबसे पुराने कारोबारी समूह के मुखिया रतन टाटा (Ratan Tata) नहीं रहे। 86 साल की उम्र में रतन टाटा ने बुधवार रात मुंबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।
पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा (Ratan Tata) की अगुआई में ही टाटा ग्रुप ने देश की सबसे सस्ती कार नैनो लॉन्च की थी।
कर्ज में फंसी एयर इंडिया को टाटा ग्रुप ने हाल ही में 18 हजार करोड़ की कैश डील में खरीदा था।
रतन टाटा (Ratan Tata) ने 1962 में फैमिली बिजनेस जॉइन किया था। शुरुआत में उन्होंने टाटा स्टील के शॉप फ्लोर पर काम किया।
1991 में जब जे.आर.डी. टाटा ने पद छोड़ दिया तो ग्रुप की कमान रतन टाटा को मिली।
जिस वक़्त रतन टाटा ने ग्रुप की कमान संभाली उस समय कंपनी का सालाना टर्नओवर 4 अरब डॉलर था।
साल 2012 में रतन टाटा (Ratan Tata) जब 75 साल के हुए तो उन्होंने चेयरमैन का पद छोड़ दिया, उस वक़्त कंपनी का सालाना टर्नओवर 100 अरब डॉलर को पार कर गया था।
चेयरमैन का पद छोड़ने के बाद रतन टाटा (Ratan Tata) ने 44 साल के साइरस मिस्त्री को अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया।
लेकिन कुछ वर्षों में मिस्त्री और टाटा के बीच तनाव बढ़ने के चलते मिस्त्री को टाटा के बोर्ड से बाहर कर दिया गया।
फरवरी 2017 में नए उत्तराधिकारी का नाम घोषित होने तक रतन टाटा (Ratan Tata) ने चेयरमैन के रूप में अपना पद वापस ले लिया।
आज की तारीख में टाटा समूह का सालाना टर्नओवर 165 अरब डॉलर को पार कर गया है।


