भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार दसवीं बार ब्याज दरों (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।
बैंक के इस फैसले से घर, गाड़ी समेत तमाम लोन पर ईएमआई (EMI) में बदलाव की संभावना कम है या नहीं के बराबर है। यानी आपकी EMI ना तो बढ़ेगी ना ही घटेगी।
मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिनों तक चली बैठक के बाद RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को रेपो रेट की घोषणा की।
RBI गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर ही रखने का फैसला किया है।
दास के मुताबिक, पिछले महीने अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बेंचमार्क दरों में 50 आधार अंकों की कटौती की थी, इसके बावजूद आरबीआई ने यथास्थिति बनाए रखी।
कुछ विकसित देशों के केंद्रीय बैंकों ने भी अपनी ब्याज दरों में कटौती की है।
दास ने कहा कि आरबीआई भारत की जीडीपी ग्रोथ मजबूत रहने पर भी खाद्य मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी पर नजर रखेगा।
आरबीआई ने फरवरी 2023 से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है।
क्या होता है रेपो रेट?
रेपो रेट वो दर होती है, जिसके बेस पर रिजर्व बैंक अन्य बैंको को लोन देता है। अगर रेपो रेट बढ़ जाती है, तो बैंको को ज्यादा रेट पर लोन लेना पड़ेगा, जो उन्हें मंहगा पड़ेगा। वहीं अगर ये दर घटती है, तो सभी बैंक रिजर्व बैंक से कम दर पर लोन ले सकते हैं।
रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने के ऐलान के बीच सेंसेक्स 550 अंक से अधिक उछलकर 82,000 के स्तर पर पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 556.97 अंक बढ़कर 82,191.78 पर पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी 78.70 अंक बढ़कर 25,091.85 पर पहुंच गया।


