उत्तर प्रदेश के संभल से सांसद जियाउर रहमान बर्क फिर से एक बार सुर्खियों में बने हुए हैं। यूपी बिजली विभाग ने जियाउर रहमान Barq पर बिजली चोरी का आरोप लगाया है।
बिजली विभाग ने Barq पर अवैध तरीके से बिजली प्रयोग करने का आरोप लगाया है। बिजली विभाग ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। सांसद जियाउर रहमान बर्क पर बिजली विभाग ने 1 करोड़ 91 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
Barq पर लगा है बिजली चोरी का आरोप
दीपा सराय इलाके में उनके आवास पर बिजली चोरी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। सांसद के खिलाफ बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बर्क के आवास पर बिजली भी काट दी गई है। बिजली अधिकारियों ने बताया कि बर्क़ के घर में जुलाई से लेकर नवंबर तक बिजली का बिल जीरो यूनिट का आया है। बिजली विभाग ने बताया कि सांसद ज़िया उर रहमान के यहां पूरे साल का सिर्फ 3,638 रुपए का बिल आया है।
Barq के खिलाफ किया गया FIR
आपको बता दें कि बिजली विभाग ने पैसे की रिकवरी के लिए नोटिस भेजा है। रकम नहीं जमा करने पर विभाग की तरफ से कार्रवाई की बात भी कही गई है। बिजली विभाग के एक अधिकारी की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि बिजली विभाग टीम की ओर से पड़ताल की गई। उपभोक्ता के मीटर की जांच करने पर यह स्पष्ट हो गया है कि मीटर से छेड़छाड़ करके बिजली चोरी की गई है।
बिजली चोरी के मामले में सांसद की सफाई भी सामने आई है। उन्होंने कहा है कि वो लगातार बिजली का बिल भरते हैं। उनके खिलाफ बिजली बिल की इस कार्रवाई का वो कानूनी जवाब देन को तैयार हैं। उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें और उनकी समुदाय को मौजूदा सरकार जानबूझकर टारगेट कर रही है।
Barq पर लगा है संभल हिंसा भड़काने का आरोप
आपको बता दें कि सपा सांसद के खिलाफ संभल हिंसा भड़काने का आरोप लगा था। यूपी पुलिस ने बर्क के खिलाफ केस भी दर्ज किया है। मामले की जांच भी चल रही है। बर्क़ पर लोगों को भड़काने का आरोप लगा है। बर्क़ ने अपना पक्ष रखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है। याचिका में बर्क़ ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अपने खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की भी मांग की है।
यूपी पुलिस ने आरोप लगाया है कि मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा का कारण उनका भड़काऊ भाषण था। जिस वजह से हिंसा को हवा मिली। रिट याचिका में सांसद ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा है। उन्हें इस मामले में जबरन फंसाया गया है। सांसद के वकील की माने तो, वह घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे, फिर भी उन्हें मामले में आरोपी बनाया गया है।


