केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नया गवर्नर संजय मल्होत्रा को नियुक्त किया है।
RBI के मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल 10 दिसंबर को खत्म हो रहा है। उनकी जगह पर अब संजय मल्होत्रा को RBI को नया गवर्नर नियुक्त किया गया है। संजय मल्होत्रा 11 दिसंबर को पदभार संभालेंगे। संजय मल्होत्रा आरबीआई के 26 वें गवर्नर होंगे।
कौन हैं संजय मल्होत्रा?
आपको बता दें कि संजय मल्होत्रा ने IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की है। उन्होंने प्रिंसटन विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री हासिल की है। उनके पास पावर, फाइनेंस, टैक्सेशन, आईटी, जैसे क्षेत्रों में 30 साल का अनुभव है। इस लंबे अनुभव के कारण उन्हें भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के पद के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है। संजय मल्होत्रा का ये नया कार्यभार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
1990 बैच के IAS अधिकारी हैं संजय मल्होत्रा
संजय मल्होत्रा 1990 बैच के राजस्थान कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में अपने करियर की शुरुआत की थी और इसके बाद विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। संजय मल्होत्रा ऊर्जा मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी के रूप में काम कर चुके हैं। नवंबर 2020 में उन्होंने Rural Electrification Corporation के चेयरमैन और MD का पद भी संभाला था।
संजय मल्होत्रा फिलहाल डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। संजय मल्होत्रा को साल 2022 में केंद्र सरकार ने RBI गवर्नर के रूप में नामांकित किया था। संजय मल्होत्रा राजस्व सचिव भी रह चुके हैं। राजस्व सचिव रहते हुए उनके बेहतरीन योगदान के लिए भी जाना जाता है।
संजय मल्होत्रा के पास वित्त और टैक्स के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों स्तरों पर वित्त, टैक्स, पावर, माइंस, और अन्य विभागों में महत्वपूर्ण कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा, वो वित्त मंत्रालय के विभागीय सचिव भी रह चुके हैं।
कैसा रहा है शक्तिकांत दास कार्यकाल?
शक्तिकांत दास के कार्यकाल की बात करें तो उन्होंने पूरे 6 साल तक RBI गवर्नर के पद को संभाला है। RBI के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के अचानक इस्तीफा देने के बाद शक्तिकांत दास को RBI का गवर्नर बनाया गया था। शक्तिकांत दास ने COVID-19 महामारी के दौरान और उसके बाद देश में बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए कई अहम कदम उठाए थे।
उनके नेतृत्व में ही कोविड महामारी के बाद देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर आई थी। महंगाई को काबू में करने के लिए उन्होंने ब्याज दरों में बदलाव किया और विभिन्न वित्तीय कदम भी उठाए। जो की भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित हुए। अब संजय मल्होत्रा उनके काम को आगे बढ़ाने जा रहे हैं। संजय मल्होत्रा का कार्यकाल 3 साल का होगा।


