भारत में मंकीपॉक्स (Monkey Pox) या एमपॉक्स (MPOX) का दूसरा मामला सामने आया है। यह मरीज भी केरल का रहने वाला है।
इस तरह देश में अबतक मंकीपॉक्स (Monkey Pox) के कुल 2 मामले सामने आए हैं और दोनों ही केरल से हैं।
मरीज केरल के एर्नाकुलम का रहने वाला है जो हाल ही में विदेश से लौटा है। बीमारी के लक्षण दिखाई देने के बाद जिले के एक प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज किया जा रहा है।
इससे पहले केरल के मल्लापुरम का 38 वर्षीय युवक में मंकीपॉक्स (Monkey Pox) के लक्षण पाए गए थे। इस युवक को तेज बुखार के कारण मंजेरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।
इस शख्स के शरीर पर कुछ गांठें देखी गईं, जिसके बाद जांच के लिए सैम्पल भेजे गए जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई।
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने एमपॉक्स (Monkey Pox) के लक्षणों के साथ केरल लौटने वाले लोगों से अनुरोध किया है कि वो हेल्थ प्रोफेशनल्स को अलर्ट करें।
राज्य सरकार ने सभी 14 जिलों के जिला और सामान्य अस्पतालों में मरीजों के लिए आइसोलेशन रूम भी बनाए हैं। राज्य भर के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में भी उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बीते 14 अगस्त को मंकीपॉक्स (Monkey Pox) को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। इसके बाद यह भारत में दूसरा मामला है।
क्या है मंकीपॉक्स?
मंकीपॉक्स (Monkey Pox) चेचक जैसी एक वायरल बीमारी है। आमतौर इस वायरस से संक्रमण के ज्यादा दुष्प्रभाव नहीं होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह घातक हो सकता है। इसके चलते फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं और शरीर पर मवाद से भरे घाव हो जाते हैं। यह वायरस ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस फैमिली का ही मेंबर है, जो चेचक (स्मालपॉक्स) के लिए भी जिम्मेदार है।
संक्रमण का खतरा किसे?
मंकीपॉक्स (Monkey Pox) से संक्रमित व्यक्ति के साथ लंबे समय तक संपर्क में रहने वाले लोगों को वायरस की चपेट में आने का खतरा ज्यादा होता है। आमतौर पर यौन मार्गों, घाव के साथ सीधे संपर्क में आने या संक्रमित व्यक्ति के दूषित कपड़े के इस्तेमाल से होता है।
कैसे फैलता है?
संक्रमित जानवरों के संपर्क में रहने से
संक्रमित मनुष्य के संपर्क में रहने से
एक दूसरे को छूने से
यौन संबंध बनाने पर
नजदीक रहकर बात करने या सांस लेने से
अधपके दूषित मांस के सेवन से
मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षण
मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षणों की बात करें तो इनमें त्वचा पर लाल चकत्ते, खरोंच जैसे निशान, लिम्फ नोड्स में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और थकान, बुखार, ठंड लगना आदि शामिल हैं।
टीका उपलब्ध, पर सबको नहीं लगेगा
मंकीपॉक्स (Monkey Pox) का टीका पहले से ही उपलब्ध है। चेचक के टीके को ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा में एमपॉक्स टीकाकरण की मंजूरी दी गई है। अभी सभी को टीके की अनुशंसा नहीं की गई है।


