अमेरिका ने भारतीय नागरिक विकास यादव (Vikash Yadav) को खालिस्तानी नेता की हत्या के आरोप में नोटिस दिया है।
अमेरिकी जांच एजेंसी ने विकास यादव (Vikash Yadav) को RAW यानी Research and Analysis Wing का पूर्व अफसर बताया है। हालांकि, भारत सरकार का कहना है कि विकास यादव अब उनका कर्मचारी नहीं है।
अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नुन की हत्या के लिए कथित साजिश रचने के आरोप में एक पूर्व RAW एजेंट (विकास यादव) को अपने वांटेड लिस्ट में डालते हुए पोस्टर जारी किया है।
इस बीच, भारत की एनआईए की मोस्ट वांटेड सूची में अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नुन को आतंकवादी घोषित किया गया है।
FBI ने विकास यादव को अपनी मोस्ट वांटेड की लिस्ट में डाला है। विकास यादव पर पिछले साल न्यूयॉर्क में खालिस्तान समर्थक और सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नुन की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था।

‘अमानत’ ने कथित तौर पर निखिल गुप्ता के साथ काम किया
एफबीआई द्वारा जारी किए गए वांछित पोस्टर में दी गई जानकारी के अनुसार, हरियाणा का निवासी विकास यादव (Vikash Yadav) भारत में रहने वाला एक भारतीय नागरिक है और उसने हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए अपने सह-साजिशकर्ता, एक अन्य भारतीय नागरिक के साथ संवाद करते समय उपनाम के रूप में “अमानत” का इस्तेमाल किया था।
अमेरिकी न्याय विभाग ने एक बयान में कहा, “यादव (Vikash Yadav) पर आज न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के अमेरिकी जिला न्यायालय में दूसरे आरोपपत्र में आरोप लगाए गए हैं। यादव के कथित सह-साजिशकर्ता 53 साल के निखिल गुप्ता पर पहले आरोप लगाए गए थे और पहले आरोपपत्र में शामिल आरोपों के आधार पर उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था। यादव अभी भी फरार है।”
FBI की तरफ से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मई 2023 के आसपास Vikash Yadav ने निखिल गुप्ता को एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने के लिए भर्ती किया। गुप्ता एक भारतीय नागरिक है जो भारत में रहता है और उसने यादव और अन्य लोगों के साथ अपने संचार में अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थों और हथियारों की तस्करी में अपनी संलिप्तता का वर्णन किया है।


