संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार यानी 25 नवंबर से शुरू हो गया है। सत्र के शुरू होने से पहले PM Modi ने संसद परिसर से देश को संबोधित किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि शीतकालीन सत्र है और माहौल भी शीत ही रहेगा। PM Modi ने कहा कि ये अंतिम कालखंड चल रहा है, देश उमंग और उत्साह के साथ 2025 के स्वागत की तैयारी में भी लगा हुआ है। संसद का ये सत्र अनेक प्रकार से विशेष है। सबसे बड़ी बात है कि हमारे संविधान की यात्रा का 75वें साल में प्रवेश अपने आप में लोकतंत्र के लिए एक बहुत ही उज्जवल अवसर है।
कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए हुड़दंगबाजी करते है- PM Modi
पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद में स्वस्थ चर्चा का आह्वान किया है। PM Modi ने आगे कहा कि दुर्भाग्य से कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए, जिन्हें जनता ने अस्वीकार किया है वे संसद को भी मुट्ठी भर लोगों की हुड़दंगबाजी से कंट्रोल करने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी ऐसी हरकतें देखकर जनता उन्हें नकार देती है। पीएम मोदी ने कहा कि इन लोगों को 80-90 बार जनता नकार चुकी है।
सत्र से कुछ सार्थक नतीजे मिलेंगे- PM Modi
PM Modi ने कहा कि ऐसे हुड़दंगियों को जनता सजा देती है। इन्हें जनता देख रही है। ऐसे लोग लोकतंत्र का सम्मान नहीं करते है। कुछ लोग न काम करते हैं न करने देते हैं। विपक्ष जनता जनार्दन की भावना का सम्मान करे। विपक्ष को जनता की उम्मीदों पर खड़ा उतरना होगा। कुछ विपक्षी सांसद अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते हैं। उन्हें जनता की आकांक्षाओं की परवाह नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया भारत की ओर उम्मीदों से देख रही है। आशा करता हूं कि चर्चा कुछ सार्थक नतीजे मिलेंगे।
विश्व भारत की ओर देख रहा है- PM Modi
PM Modi ने आगे कहा कि मैं आशा करता हूं कि नए लोगों जिनके पास ने विचार और ऊर्जा है, वो अच्छा काम करेंगे। विश्व भारत की ओर देख रहा है, विश्व को संदेश जाना चाहिए। मैं आशा करता हूं कि यह सत्र बहुत ही परिणामकारी हो। वैश्विक गरिमा को बल देने वाला और नए सांसदों को बल देने वाला हो।


