संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। शीतकालीन सत्र में भारी हंगामा देखने को मिल रहा है। रज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष Mallikarjun Kharge ने वित्त मंत्री पर हमला बोला है।
आज राज्यसभा में संविधान पर चर्चा हो रही थी। संविधान पर बहस के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हमला बोला। इसके बाद राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष Mallikarjun Kharge ने वित्त मंत्री पर कटाक्ष किया। Mallikarjun Kharge ने कहा कि मुझे उन्हें बताना होगा कि मैं भी पढ़ना जानता हूं। मैंने म्यूनिसिपैलिटी स्कूल में पढ़ाई की है। निर्मला सीतारमण ने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। यह तय है कि उनकी अंग्रेजी अच्छी होगी, उनकी हिंदी अच्छी होगी, लेकिन करतूत अच्छी नहीं है।
उनकी करतूत अच्छी नहीं है- Mallikarjun Kharge
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि अब उनको बताना पड़ता है कि हमें भी थोड़ा-थोड़ा पढ़ना आता है। हम तो म्यूनिसिपैलिटी स्कूल में पढ़ें हैं। उन्होंने जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। निश्चित है कि उनकी अंग्रेजी अच्छी हो सकती है, उनकी हिंदी भी अच्छी हो सकती है। सभी कुछ अच्छा हो सकता है, लेकिन उनकी करतूत अच्छी नहीं है।
संविधान को इन लोगों ने जला दिया- Mallikarjun Kharge
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय ध्वज से नफरत करते हैं, जो हमारे अशोक चक्र से नफरत करते हैं, जो संविधान से नफरत करते हैं। ऐसे लोग हमें सिखाने की कोशिश कर रहे हैं। जब संविधान बनाया गया था तो इन लोगों ने इसे जला दिया था। जिस दिन संविधान अपनाया गया था, उन्होंने रामलीला मैदान में बाबासाहेब अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी के पुतले जलाए थे।
RSS ने हेडक्वार्टर पर तिरंगा नहीं फहराया- Mallikarjun Kharge
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि साल 1949 में RSS नेताओं ने भारत के संविधान का विरोध किया क्योंकि यह मनुस्मृत पर आधारित नहीं था। न तो उन्होंने संविधान को स्वीकार किया और न ही तिरंगे को। उन्होंने आगे कहा कि 26 जनवरी 2002 को पहली बार मजबूरी में RSS के हेडक्वार्टर में तिरंगा फहराया गया। क्योंकि इसके लिए कोर्ट का आदेश था। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंदिरा गांधी की सरकार के समय बांग्लादेश की आजादी का जिक्र किया। खड़गे ने कहा कि एक लाख लोगों को बंदी बनाना आसान काम नहीं है। लेकिन आयरन लेडी इंदिरा गांधी ने बता दिया कि हमारे करीब आए तो खैर नहीं।
जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने अभिव्यक्ति की आजादी पर कैंची चलाया- निर्मला सीतारमण
आपको बता दें कि निर्मला सीतारमण ने कहा कि लोकतंत्र जिस तरह से आगे बढ़ रहा है, वह गौरव की बात है। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार के अभिव्यक्ति की आजादी पर कैंची चलाने और संविधान सभा के सदस्य कामेश्वर सिंह तक का जिक्र कर कांग्रेस घेरा। वित्त मंत्री ने कहा कि हमें वादों से भारत को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने पिछले 75 साल की यात्रा का जिक्र करते हुए भी संविधान को लेकर कांग्रेस को घेरा और किस्सा कुर्सी का फिल्म की रिलीज पर रोक का जिक्र किया गया।
कांग्रेस परिवार और वंशवाद की पार्टी है- निर्मला सीतारमण
निर्मला सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस पार्टी परिवार और वंशवाद की मदद करने के लिए बेशर्मी से संविधान में संशोधन करती रही। ये संशोधन लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए नहीं बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की रक्षा के लिए थे। इस प्रक्रिया का इस्तेमाल परिवार को मजबूत करने के लिए किया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि मैं ऐसे राजनीतिक नेताओं को जानती हूं जिन्होंने उन काले दिनों को याद रखने के लिए बच्चों के नाम मीसा के नाम पर रखने का फैसला किया। और अब उनके साथ गठबंधन करने में भी कोई आपत्ति नहीं है।


