हार्ट यानी दिल, शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, और इसे स्वस्थ रखने के लिए जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) मनाया जाता है।
आज के समय में खानपान में बड़े बदलावों के कारण 35 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में भी दिल की बीमारियां बढ़ने लगी हैं। विशेष रूप से, जो युवा स्मोकिंग करते हैं, उनमें हार्ट अटैक (World Heart Day) के ज्यादा मामले देखने को मिल रहे हैं।
हार्ट पूरे शरीर में रक्त संचार करता है, फिर भी लोग अपने हृदय की सेहत के प्रति लापरवाह रहते हैं। पहले, हार्ट अटैक के मामले 50 वर्ष की आयु के बाद अधिक पाए जाते थे, लेकिन अब 25 से 35 वर्ष के युवाओं में भी ये घटनाएं बढ़ रही हैं। युवाओं में हार्ट अटैक का प्रमुख कारण धूम्रपान माना जाता है।
इस बढ़ती समस्या के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए, हार्ट स्वास्थ्य के महत्व को समझना और जीवनशैली में सुधार लाना आवश्यक है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, और धूम्रपान से दूरी बनाना युवा पीढ़ी के लिए बेहद जरूरी है। विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) हमें याद दिलाता है कि हार्ट की सेहत को प्राथमिकता देकर हम जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना सकते हैं।
स्मोकिंग हृदय के लिए खतरनाक
- युवाओं के लिए बेहद खतरनाक है स्मोकिंग।
- युवाओं में हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण स्मोकिंग है।
- हृदय रोग से प्रभावित सभी युवा धूम्रपान के आदी हैं।
- 25 से 35 वर्ष के धूम्रपान करने वाले युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं।
- स्मोकिंग छोड़कर आप हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।
नसों में ब्लॉकेज से भी बढ़ती परेशानी
हार्ट की बीमारी केवल एक अकेली बीमारी नहीं है। इसमें हार्ट की नसों में ब्लॉकेज विकसित हो जाता है, जो विभिन्न जोखिम कारकों के कारण होता है। इनमें तीन प्रमुख रोग है। जिसमे शुगर, उच्च रक्तचाप (High BP) और उच्च कोलेस्ट्रॉल शामिल हैं। ये तीनों बीमारियाँ हार्ट की नसों में ब्लॉकेज विकसित करने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।
अगर इन तीन बीमारियों को नियंत्रित किया जाए, तो हार्ट की नसों में होने वाले ब्लॉकेज को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए, इन बीमारियों का ध्यान रखना हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


