वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस दिवस 20 अक्टूबर को मनाया जाता है। खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी डाइट प्लान और Diabetes की वजह से हड्डिया कमजोर होने लगती है। कमजोर हड्डियों की वजह से कई लोगों को जवानी में जोड़ों के दर्द की शियाकत भी होने लगती है। ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों से जुड़ा रोग है, जिसमें हड्डिया कमजोर और पतली होने लगती है।
देश में इस समय 6.5 करोड़ से ज्यादा लोग ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से पीड़ित हैं। इनमें अधिकांश महिलाएं हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक तकरीबन 80 फीसदी महिलाएं हैं। सरल भाषा में आस्टियोपोरोसिस का अर्थ है हड्डियों का खोखला होना है। यह तब होता है जब हड्डियों में कैल्शियम जैसे मिनरल्स की कमी होने लगती है। इसकी वजह से हड्डी का सामान्य बोन मास प्रभावित होता है। वो खोखली होकर कमजोर होने लगती हैं और आसानी से टूट जाती हैं। आज की जीवन शौली में Diabetes जैसी बीमारियां कॉमन हो गई है। डायबिटीज के कारण भी हड्डियां कमजोर हो जाती है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ का मानना है कि Diabetes के कारण हड्डियां बनाने वाले टिश्यू का बनना कम हो जाता है। रिसर्च में यह पाया गया है कि Diabetes से पीड़ित व्यक्तियों में हड्डियों के पुराने और कमजोर टिश्यू को नष्ट करने वाली ऑस्टियोक्लास्ट कोशिकाएं कम बनती हैं। जिसके कारण हड्डियों के नए टिश्यू के लिए जगह नहीं बन पाती है। इसकी वजह से हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। खासकर टाइप-1 Diabetes से पीड़ित लोगों में यह समस्या अधिक होती है। अगर आप ये 3 एक्सरसाइज करते है तो आपकी हड्डियों की मजबूती फिर से वापस आ सकती है।
- एक ही जगह पर कदमताल करें (मार्चिंग)
किसी समतल भूमि पर खड़े हो जाएं। अब पैर को मोड़ते हुए घुटने को कमर की ऊंचाई तक लाएं। फिर पैर नीचे ले जाएं। पैर और हाथों के बीच तालमेल रखें। सामान्य सी लगने वाली यह एक्सरसाइज हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद है। इस एक्सरसाइज में शरीर का भार ही आपके लिए मददगार साबित होता है, जिससे हड्डियों का घनत्व और मजबूती बढ़ती है।
- सीधे हाथों से प्लैंक
पुश-अप की स्थिति में आएं। हाथ और शरीर को एक सीध में रखें। क्षमता के अनुसार कुछ समय तक होल्ड करें। इसे दीवार पर भी कर सकते हैं। इसमें शरीर का दबाव हड्डियों से गुजरकर नीचे की ओर पड़ता है। कलाई और कंधों के सॉकेट हड्डियों के चारों ओर की मांसपेशियों को स्थिर और मजबूत बनाते हैं, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं।
- ऊपरी हिस्सा मजबूत करता है ओवरहेड प्रेस
हाथों में हल्के वजन (डंबल्स या पानी से भरी बोतल) लें। अब दोनों हाथों को मोड़ते हुए वजन को कंधे के बराबर ले आएं। इसके बाद एक साथ दोनों हाथ ऊपर की तरफ लेकर जाएं और फिर एक साथ कंधे की बराबरी पर वापस लाएं। इस तरह 10 से 12 रेपिटिशन करें। इससे रीढ़ और जोड़ों की मांसपेशियों पर असर पड़ता है। लचीलापन बढ़ता है। ऊपरी हिस्से की हड्डियां मजबूत होती हैं।


