राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में नगर निगम चुनाव (MCD Election) को लेकर एक बार फिर से हंगामा शुरू हो गया है। इसी बीच दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना (LG VK Saxena) ने गुरुवार को नगर निगम आयुक्त को शुक्रवार को एमसीडी (MCD) के स्थायी समिति की खाली सीट के लिए चुनाव कराने का निर्देश दिया।
एलजी (LG Delhi) के अनुसार, चुनाव दोपहर 1 बजे होंगे, और अतिरिक्त आयुक्त जितेंद्र यादव इसकी अध्यक्षता करेंगे। इससे पहले गुरुवार को ही उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने चुनाव (MCD Election) कराने का आदेश दिया था, लेकिन पार्षदों की सुरक्षा जांच को लेकर हुए हंगामे के कारण मेयर शैली ओबेरॉय (Mayor Shelly Oberoi) ने चुनाव 5 अक्टूबर तक स्थगित कर दिए थे।
फिलहाल, स्थायी समिति में भाजपा के नौ और AAP के आठ सदस्य हैं। 18वीं सीट तब खाली हुई, जब द्वारका-बी से भाजपा पार्षद कमलजीत सहरावत ने पश्चिमी दिल्ली से सांसद चुने जाने पर इस्तीफा दे दिया था।
दिल्ली के उपराज्यपाल (LG Delhi) के आदेश के बाद एमसीडी आयुक्त अश्विनी कुमार ने शुक्रवार को स्थायी समिति की खाली सीट के चुनाव (MCD Election) के लिए आदेश जारी किया।
आदेश के बावजूद, मेयर शेली ओबेरॉय (Mayor Shelly Oberoi) ने कहा कि 5 अक्टूबर से पहले होने वाला कोई भी चुनाव (MCD Election) “अवैध और असंवैधानिक” होगा। हालांकि, उप महापौर और एमसीडी के वरिष्ठ सदस्यों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
आदेश में कहा गया कि, “मामले को उपराज्यपाल के समक्ष उनके निर्देशानुसार पुनः प्रस्तुत किया गया, जिसमें यह बताया गया कि स्थायी समिति, नगरपालिका के कार्यों के निर्वहन के लिए एक प्रमुख निकाय है, और पिछले 21 महीनों से इसका गठन न होने के कारण महत्वपूर्ण निर्णय लेने में बाधा उत्पन्न हुई है।”
आदेश में आगे कहा गया, “इसलिए, सामूहिक जनहित और नगर निकाय की लोकतांत्रिक भावना को बनाए रखने के लिए, उपराज्यपाल ने निर्देश दिया है कि यह चुनाव (MCD Election) 27 सितंबर को दोपहर 1:00 बजे आयोजित किया जाए।
इसके अतिरिक्त, उपराज्यपाल ने निर्देश दिया है कि अतिरिक्त आयुक्त जीतेंद्र यादव इस चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में अध्यक्षता करेंगे। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी, और मतदान हॉल में मतपत्र की गोपनीयता बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की अनुमति नहीं होगी।”
एमसीडी की स्थायी समिति की 18वीं सीट के लिए चुनाव (MCD Election) गुरुवार को नगर निगम सचिवालय के एक आदेश के बाद हुए विवाद के कारण स्थगित कर दिया गया था। आदेश में कहा गया था कि मतदान के दौरान चैंबर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी, और दिल्ली पुलिस ने प्रवेश द्वारों पर तलाशी चौकी भी स्थापित कर दी थी।
भाजपा पार्षदों ने इस नियम का पालन किया, जबकि AAP पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए लॉबी में धरना शुरू कर दिया। मेयर शेली ओबेरॉय और अन्य आप पार्षदों का कहना था कि चैंबर के अंदर फोन ले जाने पर रोक “उनकी गरिमा का उल्लंघन” है, और तलाशी की प्रक्रिया को अपमानजनक बताया।
मेयर शेली ओबेरॉय (Mayor Shelly Oberoi) ने कहा कि, “हम इस सदन के निर्वाचित सदस्य हैं, और यह कदम हमारी गरिमा और भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। यह लोकतंत्र के खिलाफ है और इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ।” दोपहर 2 बजे शुरू हुआ यह विरोध देर रात करीब 10 बजे तक चला, जब एमसीडी ने आखिर में चुनाव स्थगित कर दिया।
इसके बाद भाजपा ने आम आदमी पार्टी और मेयर पर निशाना साधते हुए “मेयर होश में आओ” और “स्थायी समिति का चुनाव करवाओ।” के नारे लगाए। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एमसीडी आयुक्त से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार चुनाव (MCD Election) कराने की मांग की।
वीरेंद्र सचदेवा कहा कि, “अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर चरम पर है, और आम आदमी पार्टी चुनाव से भाग रही है क्योंकि उन्हें डर है कि उनके अपने पार्षद उनका साथ छोड़ देंगे। हम शुक्रवार को मेयर के खिलाफ अदालत में अवमानना याचिका दायर करेंगे।”
दिल्ली में एमसीडी सदन के स्थाई समिति के चुनाव (MCD Election) का परिणाम सामने आ चुका है, जिसमें भाजपा ने जीत हासिल की है। भाजपा पार्षद सुंदर सिंह तंवर ने स्थाई समिति के एक सदस्य के खाली सीट पर जीत दर्ज की, उन्हें 115 वोट मिले।
वहीं, उनके प्रतिद्वंदी आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को एक भी वोट नहीं मिले। इस जीत के साथ भाजपा को स्थाई समिति में बहुमत मिल गया है, जहां 18 सदस्यों में से 10 भाजपा के और 8 आम आदमी पार्टी के सदस्य हैं।


