पेरिस में चल रहे पैरालंपिक गेम्स (Paris Paralympics) में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। नागालैंड के होकाटो सेमा (Hokato Sema) ने पुरुषों के शॉटपुट में कांस्य पदक (Bronze Medal) जीता है। पेरिस पैरालंपिक में भारत की झोली में यह 27वां मेडल है।
40 साल के होकाटो सेमा (Hokato Sema) ने शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में अपने चौथे प्रयास में 14.65 मीटर थ्रो किया और अपना व्यक्तिगत प्रदर्शन करते हुए तीसरे स्थान पर रहे। इस मुकाबले (Men’s shot put F57) में ईरान के यासीन खोसरवी (Yasin Khosravi) 15.96 मीटर थ्रो के साथ पहले स्थान पर रहे और गोल्ड मेडल जीत लिया, जबकि ब्राजील के टियागो पाउलो संतोस (Thiago Paulino dos Santos) ने 15.06 मीटर थ्रो करके सिल्वर मेडल पर कब्जा किया।
पैरालंपिक गेम्स में 6 गोल्ड, 9 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत पदक तालिका में 17वें पायदान पर पहुंच गया है। चीन 188 पदकों के साथ पहले, ब्रिटेन 100 पदकों के साथ दूसरे और अमेरिका 86 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने होकाटो सेमा (Hokato Sema) को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। पीएम मोदी ने लिखा है- “हमारे देश के लिए यह गर्व का क्षण है! होकाटो सेमा ने पुरुषों के शॉटपुट F57 में कांस्य पदक जीता है! उनकी अविश्वसनीय ताकत और दृढ़ संकल्प असाधारण हैं। उन्हें बधाई। आगे के प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ।”
होकाटो सेमा के बारे में:-
होकाटो सेमा (Hokato Sema) का पूरा नाम होकाटो होतोजे सेमा (Hokato Hotozhe Sema) है। 24 दिसंबर 1983 को नागालैंड के दीमापुर में जन्मे होकाटो सेमा इस वक़्त भारतीय सेना की 7, असम रेजीमेंट में लांस नायक के पद पर तैनात हैं।
होकाटो सेमा 17 साल की उम्र में सेना में भर्ती हो गए थे। उनका सपना था सेना की एलीट स्पेशल फोर्सेज जॉइन करने का। हालांकि, साल 2002 में एक हादसे ने उनके इस सपने पर पानी फेर दिया।
जम्मू-कश्मीर के चौकीबल में नियंत्रण रेखा (LOC) आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान होकाटो एक लैंडमाइन ब्लास्ट में अपना बायां पैर गंवा बैठे। हालांकि इस हादसे के बावजूद होकाटो सेमा ने हार नहीं मानी।
श्रीनगर के सेना अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद होकाटो सेमा को पुणे स्थित Artificial Limb Centre for rehabilitation में शिफ्ट किया गया। करीब साल भर बाद होकाटो सेमा सेना की अपनी यूनिट में फिर से शामिल हुए लेकिन उन्हें फील्ड की तैनाती नहीं मिली।
होकाटो सेमा साल मार्च 2016 में भारतीय सेना के पैरालंपिक गेम्स डिविजन के लेफ्टिनेंट कर्नल गौरव दत्ता से मिले। गौरव दत्ता होकाटो सेमा की फिटनेस देखकर बेहद प्रभावित हुए। होकाटो सेमा नियमित तौर पर जिम जाते थे।
लेफ्टिनेंट कर्नल दत्ता ने होकाटो सेमा का टेस्ट लिया और उन्हें शॉट पुट फेंकने को कहा। होकाटो सेमा ने 9.2 मीटर दूर तक शॉट पुट फेंका। लेफ्टिनेंट कर्नल दत्ता लांस नायक के इस थ्रो से काफी प्रभावित हुए और इस तरह होकाटो सेमा की प्रैक्टिस शुरू हो गई।
होकाटो सेमा (Hokato Sema) के इस सफर में उनके कोच राकेश रावत ने भी खूब मेहनत की। स्पोर्ट्स से जुड़े एक एनजीओ ‘ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट’ (Olympic Gold Quest) ने भी होकाटो सेमा की मदद की।
होकाटो सेमा (Hokato Sema) ने जयपुर में साल 2017 में आयोजित 17वें राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप से अपने शॉट पुट स्पर्धा की शुरुआत की। फिर चीन के हांग्जो में 2022 एशियाई पैरा खेलों में शॉटपुट एफ-56/57 श्रेणी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
2022 में होकाटो ने मोरक्को ग्रैंड प्रिक्स में रजत पदक जीता। इस साल की शुरुआत में, वह विश्व चैम्पियनशिप में भी चौथे स्थान पर रहे थे। अब होकाटो भारत के लिए पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाले नागालैंड के पहले एथलीट बन गए हैं।


